नई दिल्ली, 31 मार्च 2026।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि महावीर का जीवन और उनके उपदेश सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को उजागर करते हैं और आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों से करुणा और दया के रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने अपने एक अन्य संदेश में कहा कि भगवान महावीर का समानता और सद्भाव पर जोर हमें समाज के प्रति हमारी साझा जिम्मेदारी की याद दिलाता है। उनके जीवन और विचार न केवल आध्यात्मिक प्रेरणा देते हैं, बल्कि आज के सामाजिक और नैतिक संदर्भ में भी मार्गदर्शन करते हैं।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषित भी साझा किया – “श्रूयतां धर्मसर्वस्वं श्रुत्वा चैवावधार्यताम्। आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत्।” इसका अर्थ है कि जो व्यवहार हमें स्वयं के लिए अस्वीकार्य हो, वैसा व्यवहार दूसरों के साथ नहीं करना चाहिए।
महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है। जैन परंपरा के अनुसार उनका जन्म 599 ईसा पूर्व वैशाली के कुंडलपुर में हुआ था। इस दिन विशेष पूजा, रथ यात्राएं और प्रवचन आयोजित किए जाते हैं। महावीर जयंती का मुख्य संदेश अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और समानता के सिद्धांतों पर आधारित है।











