बहराइच, 27 फरवरी 2026।
बहराइच जिले के रामगांव थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत के दौरान एक मेडिकल स्टोर संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मृतक 55 वर्षीय राकेश श्रीवास्तव पर एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप था, जिसके सिलसिले में पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने लाई थी। घटना के बाद थानाध्यक्ष गुरुसेन सिंह समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, 22 फरवरी को एक व्यक्ति ने थाने में शिकायत दी थी कि रामगांव निवासी मेडिकल स्टोर संचालक राकेश श्रीवास्तव उसके घर आया था और उसकी 10 वर्षीय पुत्री के साथ पहले छेड़छाड़ और फिर दुष्कर्म किया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुरुवार रात आरोपी को कुड़वा चौराहा स्थित उसके मेडिकल स्टोर से हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाने ले गई। आरोप है कि पूछताछ के दौरान परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी गई। बाद में पुलिस ने तबीयत खराब होने की बात कहकर राकेश को उसके घर के पास छोड़ दिया, जहां से परिजन उसे रात दो बजे के आसपास मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज से शव लेकर परिजन थाने पहुंचे और पुलिस पर जहर देकर और पिटाई कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। भीड़ बढ़ने पर प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। क्षेत्राधिकारी पवन कुमार ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर थानाध्यक्ष गुरुसेन सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और निष्पक्ष जांच के लिए मामले को रामगांव थाना से हटाकर कोतवाली देहात बहराइच को सौंप दिया गया है।












