खड़गपुर, 18 मार्च।
खड़गपुर विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला बेहद रोचक हो गया है, जहां दो पूर्व विधायक दिलीप घोष और प्रदीप सरकार आमने-सामने हैं। भाजपा ने सोमवार को दिलीप घोष को उम्मीदवार घोषित किया, जबकि मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस ने ‘बाड़ीर छेले’ प्रदीप सरकार उर्फ खोकन को मैदान में उतारा। उम्मीदवार बनने के तुरंत बाद प्रदीप सरकार ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दिलीप घोष कोई फैक्टर नहीं हैं।
2019 के उपचुनाव में प्रदीप सरकार ने भाजपा के प्रेमचंद झा को करीब 20 हजार वोटों से हराया था, जबकि 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवार हिरण्मय चटर्जी से लगभग 3800 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद तृणमूल ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है।
दूसरी ओर, दिलीप घोष ने 2016 में खड़गपुर सदर सीट से पहली बार चुनाव जीतकर राजनीतिक सफर की मजबूत शुरुआत की थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से उभरते हुए उन्होंने नई टीम और ऊर्जा के साथ मैदान में उतरकर जीत दर्ज की। 2019 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम मेदिनीपुर से सांसद बनकर उन्होंने अपनी पकड़ मजबूत की, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में बर्धमान-दुर्गापुर सीट से हार का सामना करना पड़ा।
अब खड़गपुर में ‘दिलीप बनाम प्रदीप’ की सीधी टक्कर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुकाबला कड़ा और कांटे का हो सकता है। प्रदीप ने खुद को ‘खड़गपुर का बेटा’ बताते हुए कहा कि लोग अपने ही बेटे को चाहते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि दिलीप घोष ने क्षेत्र के विकास के लिए क्या किया।
हालांकि दिलीप घोष ने अब तक प्रदीप सरकार पर सीधा हमला नहीं किया है। उन्होंने केवल कहा कि तृणमूल ने उम्मीदवार उतारा है, लेकिन खड़गपुर की जनता भाजपा के साथ है। बुधवार सुबह से ही उनके कई कार्यक्रम तय हैं। वे प्रमुख मंदिरों में दर्शन करेंगे और अपने सहयोगियों के साथ सहभोज में शामिल होंगे। उनके बंगले में आगामी चुनावी रणनीति की तैयारी की गई है।
भाजपा जिला सदस्य सुनील यांडा ने कहा कि तृणमूल ने अपने हिसाब से खड़गपुर में मजबूत उम्मीदवार उतारा है, लेकिन मुख्यमंत्री के हालिया बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या प्रदीप सरकार उस बयान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि खड़गपुर का हिंदू समाज समझदार है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगा।
इस चुनावी मुकाबले में देखना दिलचस्प होगा कि ‘स्थानीय चेहरा’ बनाम ‘दबंग नेता’ की इस टक्कर में खड़गपुर की जनता किसे अपना समर्थन देती है।












