भोपाल, 20 अप्रैल।
मध्य प्रदेश में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे की थार वाहन से हुई दुर्घटना और उसके बाद उत्पन्न हुए घटनाक्रम ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर सड़क हादसे को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस आक्रामक रुख अपनाए हुए है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य की मोहन यादव सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल दागे हैं और घटना में पारदर्शिता बरतने की अपील की है।
जीतू पटवारी ने सोमवार को अपने वक्तव्य में सीधे तौर पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए कहा कि विधायक पुत्र की संलिप्तता वाली इस घटना ने प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था को उजागर कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हादसे के उपरांत सामने आए विवादित बयानों और प्रशासनिक अमले के साथ किए गए कथित बर्ताव की गहनता से पड़ताल होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, ऐसे प्रकरण जनता के बीच शासन के इकबाल को कमजोर करते हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने मुख्यमंत्री से अपेक्षा की है कि वे इस संवेदनशील विषय पर सरकार का पक्ष सार्वजनिक करें। पटवारी ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय की प्रक्रिया में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है कि राजनीतिक रसूख जांच के आड़े न आए। साथ ही, उन्होंने केंद्र की नीतियों और प्रधानमंत्री के 'नए भारत' की संकल्पना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य में नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस पूरे प्रकरण में अपनी मांगों को रेखांकित करते हुए कांग्रेस ने सरकार के समक्ष चार मुख्य बिंदु रखे हैं। पार्टी ने मांग की है कि सड़क हादसे और उससे जुड़े तमाम आरोपों की बिना किसी पक्षपात के जांच हो, साथ ही अधिकारियों को धमकाने या अनुचित व्यवहार करने वालों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए। कांग्रेस ने जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने देने और मुख्यमंत्री से तत्काल वस्तुस्थिति स्पष्ट करने की पुरजोर वकालत की है।










