भोपाल, 11 मई।
मध्य प्रदेश में मौसम का रुख एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। प्रदेश में सक्रिय दो ट्रफ और एक चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से सोमवार को कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के कई क्षेत्रों में गर्मी का असर लोगों को परेशान करेगा।
मौसम विभाग के अनुसार बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों के लिए विभाग ने सतर्कता अलर्ट जारी किया है। रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के करीब 18 जिलों में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और शाजापुर में तेज गर्मी का प्रभाव बना रहने का अनुमान है। रविवार को कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। रतलाम में इस मौसम का सबसे अधिक तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो लगातार दूसरे दिन प्रदेश में सबसे गर्म रहा। इसके अलावा शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री और नर्मदापुरम में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। रायसेन, नरसिंहपुर, सागर और गुना में भी पारा 40 डिग्री से अधिक रहा।
प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40.4 डिग्री, इंदौर में 41.9 डिग्री, ग्वालियर में 38.4 डिग्री और जबलपुर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 12 मई से प्रदेश में लू चलने की चेतावनी जारी की है, खासकर इंदौर और उज्जैन संभाग में गर्म हवाओं का प्रभाव अधिक रहने की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में 30 अप्रैल से शुरू हुआ आंधी-बारिश का सिलसिला 10 मई तक जारी रहा, जिसके दौरान वेस्टर्न डिस्टरबेंस, चक्रवात और ट्रफ सिस्टम के प्रभाव से मौसम में लगातार बदलाव देखा गया। बढ़ती गर्मी को देखते हुए विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और दिनभर पर्याप्त पानी सेवन करने, शरीर को हाइड्रेट रखने तथा दोपहर की तेज धूप से बचने की अपील की गई है। साथ ही हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है।










