राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने के बाद एक बार फिर भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार से पश्चिमी राजस्थान के जिलों में हीटवेव की स्थिति बन गई है, जिससे जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी जैसे क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए जैसलमेर, जोधपुर और बाड़मेर में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है।
राजधानी जयपुर में शनिवार सुबह से ही आसमान साफ बना रहा और दिन चढ़ने के साथ सूरज की तपिश ने जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान फलोदी में दर्ज किया गया, जहां पारा 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
इसके अलावा बाड़मेर में 44.6 डिग्री और जैसलमेर में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। जोधपुर में 42.9, कोटा और बीकानेर में 42 डिग्री, उदयपुर में 41.6 डिग्री, भीलवाड़ा में 41.4 डिग्री तथा चित्तौड़गढ़ में 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
प्रदेश के कई जिलों में तेज गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली। नागौर, अजमेर, टोंक, बूंदी और सवाई माधोपुर में दोपहर के बाद धूलभरी आंधी चली और बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हुई, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। वहीं पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, धौलपुर, करौली और अलवर जिलों में आंधी और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बूंदी जिले के देई कस्बे में शुक्रवार शाम आए तेज अंधड़ ने एक दर्दनाक हादसा भी कर दिया, जहां 55 वर्षीय व्यक्ति टिनशेड संभालते समय हवा के झोंके में करीब 80 फीट दूर उछल गया और मोबाइल टावर से टकराकर नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई।
जयपुर में अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और पारा 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अजमेर में शाम के समय हल्की बूंदाबांदी से मौसम कुछ ठंडा हुआ।
उदयपुर, कोटा और जोधपुर में गर्मी और लू का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और लू और अधिक तीव्र हो सकती है, जबकि पूर्वी हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीते रहने की सलाह दी है।



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