मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में रविवार देर रात बिरसिंहपुर पाली रेलवे स्टेशन पर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब शहडोल से कटनी की ओर जा रही कोयला लदी मालगाड़ी के तीन डिब्बों से अचानक धुआं उठने लगा। चलती ट्रेन से धुआं और हल्की आग की लपटें निकलते देख रेलवे कर्मियों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
मालगाड़ी के गार्ड और लोको पायलट ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए रेलवे कंट्रोल और स्टेशन प्रबंधन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही ट्रेन को बिरसिंहपुर पाली स्टेशन पर रोक दिया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मध्य के तीन डिब्बों में लदे कोयले में सुलगन के कारण तेज धुआं उत्पन्न हो रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और मौके पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल दल ने पानी की लगातार बौछार कर आग और धुएं को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में लाई जा सकी।
रेलवे अधिकारियों ने इसके बाद डिब्बों की विस्तृत सुरक्षा जांच कराई और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर मालगाड़ी को पुनः कटनी की ओर रवाना कर दिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि अत्यधिक गर्मी, कोयले के भीतर उत्पन्न ऊष्मा या घर्षण के कारण यह स्थिति बनी होगी। हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
घटना के दौरान मौजूद लोगों के अनुसार धुआं और लपटें देखकर आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि लोको पायलट, गार्ड, रेलवे कर्मचारियों और दमकल दल की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की।










