अयोध्या, 19 मार्च।
हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) और चैत्र नवरात्रि के पहले दिन गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अयोध्या पहुंचेंगी। वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी और वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगी। यह ऐतिहासिक आयोजन मंदिर के द्वितीय तल पर किया जाएगा, जिसे आध्यात्मिक और वास्तुशास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह करीब 11:10 बजे अयोध्या एयरपोर्ट पर उतरेंगी। उनके स्वागत के लिए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राष्ट्रपति सड़क मार्ग से मंदिर परिसर की ओर प्रस्थान करेंगी। एयरपोर्ट से मंदिर तक के मार्ग में 20 स्थानों पर सांस्कृतिक स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन प्रस्तुतियों में रामभक्ति, लोक नृत्य, भजन-कीर्तन और रामायण आधारित मंच प्रदर्शन शामिल हैं, जो पूरे मार्ग को आध्यात्मिक उत्साह से भर देंगे।

श्रीराम मंदिर पहुंचने पर राष्ट्रपति मंदिर के द्वितीय तल में स्थित गर्भगृह में श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना और पूजन करेंगी। इसके साथ ही राम मंदिर परिषद में राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। यह यंत्र वैदिक परंपरा के अनुसार मंदिर की ऊर्जा और दिव्यता को और सशक्त बनाने के लिए स्थापित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति लगभग 3 से 4 घंटे तक मंदिर परिसर में रहेंगी। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सैकड़ों संतों, विशिष्ट अतिथियों और हजारों श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया है। अयोध्या में फूलों की सजावट, दीपों की रोशनी और भक्ति भजनों की ध्वनि से पूरा माहौल दिव्य और उत्सवमय बन गया है। यह दौरा धार्मिक महत्व के साथ-साथ राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मु का रामनगरी में दूसरा प्रमुख आगमन भी है।












