अनूपपुर, 03 अप्रैल।
जिले में शुक्रवार को ईसाई समुदाय द्वारा गुड फ्राइडे श्रद्धा और शोक के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जहां लोगों ने प्रभु यीशु को स्मरण करते हुए दिन को शोक दिवस के रूप में मनाया। चर्चों में घंटियां नहीं बजाई गईं, बल्कि लकड़ी के खटखटों का उपयोग किया गया, जिससे वातावरण में गंभीरता और श्रद्धा का भाव बना रहा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था। इसी कारण ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे का विशेष महत्व है। लोगों ने चर्च पहुंचकर क्रॉस का स्पर्श और वंदन कर प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया तथा दान भी किया। इसे पवित्र और महान दिन के रूप में भी जाना जाता है, वहीं कुछ स्थानों पर इसे ब्लैक फ्राइडे कहने की परंपरा भी प्रचलित है।
बताया जाता है कि धर्म अवमानना और राजद्रोह के आरोप में यीशु को गोलगोथा नामक स्थान पर सूली दी गई थी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके इसी बलिदान को स्मरण करते हुए श्रद्धालु उपवास रखते हैं और विशेष प्रार्थना करते हैं।
विशेष प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान पास्टर दीपक दास, एसटी रावलकर, एनोस, अमिता रावलकर, आमोस, रुथ रावलकर, रिचर्ड रेगी राव, जॉन रावलकर, हनोक लाल, विलियम रावलकर, योना रावलकर, चांद भिसे, विमला मसीहा, स्मिता रॉव, अरुणिमा लाल, राजेश भिसे, राजेश्वरी भिसे, विजय रावलकर, प्रार्थना रावलकर, स्तुति, आराधना, अर्निका लाल, आकांक्षा लाल, हाबिल, ऐश्वर्या, इशिता, शेरोन, अभिलाषा, सृष्टि दास, हर्ष लाल, इमैनुएल लाल, सृष्टि लाल, अभिराज डेविड, जेनेट वाकर, सुलोचना, शांता, मुस्कान सहित अन्य उपस्थित रहे।




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