ग्वालियर, 06 अप्रैल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार ग्वालियर शहर के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस साझी पहल के माध्यम से ग्वालियर को विकसित, औद्योगिक और आधुनिक शहर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
यह जानकारी केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में आयोजित शहर विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बड़े विकास कार्यों के लिए मासिक फ्लोचार्ट तैयार किया जाए और हर प्रोजेक्ट की समय-सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए।
बैठक में शहर में निर्माणाधीन एलीवेटेड रोड के दोनों चरण, ग्रीनफील्ड आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे, वेस्टर्न बायपास, रेलवे स्टेशन का उन्नयन, चंबल पेयजल प्रोजेक्ट, सड़कों की मरम्मत, महाराजबाड़ा मल्टीलेवल पार्किंग, औद्योगिक संग्रहालय और जौरासी में निर्माणाधीन अम्बेडकर धाम सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति
ट्रिपल आईटीएम से महारानी लक्ष्मीबाई समाधि तक बनने वाले लगभग 10 किलोमीटर लंबे एलीवेटेड रोड के प्रथम चरण का काम नवंबर तक पूरा हो जाएगा। फाउंडेशन के 229 पिलरों में से 214 तैयार हो चुके हैं और 1140 गर्डरों में से 990 स्थापित किए जा चुके हैं। द्वितीय चरण का निर्माण दिसंबर तक समाप्त होने का लक्ष्य रखा गया है।
मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण जून तक पूरा होगा और इसके बाद महाराजबाड़ा क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। पार्किंग में व्यावसायिक और आम उपयोग के लिए शुल्क एवं मासिक-वार्षिक पास की व्यवस्था होगी।
रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने पर जोर दिया गया है। स्टेशन के दोनों ओर पार्किंग और यात्री सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जौरासी में बनने वाले अम्बेडकर धाम को जीवंत बनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। जीवाजी विश्वविद्यालय के साथ एमओयू कर बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर पर डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। धाम का निर्माण निर्धारित समय से दो माह पूर्व, जुलाई तक पूरा करने की योजना है।
शहर की शेष सड़कों, सीवर और पेयजल व्यवस्था के लिए आवश्यक धनराशि प्राप्त करने हेतु साझा प्रयास किए जाएंगे। 294 सड़कों को ग्रीन, यलो और रेड जोन में विभक्त कर मरम्मत कार्य जारी है। 109 गारंटी पीरियड की सड़कों में से 53 ठीक हो चुकी हैं, 77 पूर्णतः क्षतिग्रस्त सड़कों में से 34 का काम पूरा हो चुका है और 20 पर कार्य चल रहा है।


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