नई दिल्ली, 31 मार्च।
महावीर जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय मंत्री समेत कई नेताओं ने देशवासियों, विशेषकर जैन समुदाय के लोगों को बधाई दी। राष्ट्रपति मुर्मु ने भगवान महावीर की शिक्षाओं का स्मरण करते हुए कहा कि उनके उपदेशों में सत्य, अहिंसा और आत्मसंयम के साथ-साथ करुणामय जीवन जीने की प्रेरणा दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान महावीर के आदर्शों से हम एक अधिक समावेशी और शांति से भरे समाज की ओर अग्रसर होंगे।
उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भगवान महावीर की कालजयी शिक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनका संदेश आत्म-अनुशासन, करुणा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान महावीर के पंचशील सिद्धांतों को आत्मसात करने की बात करते हुए कहा कि वे सशक्त और समरस राष्ट्र निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी महावीर जयंती के इस खास अवसर पर भगवान महावीर के जीवन के आदर्शों की सराहना की और कहा कि त्याग, सत्य, अहिंसा के प्रतीक महावीर ने अपनी तपस्या से मानवता के कल्याण का रास्ता प्रशस्त किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महावीर जयंती पर शांति और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और भगवान महावीर के दर्शन को वैश्विक कल्याणकारी बताया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा और करुणा के सिद्धांत आज भी एक सशक्त समाज की नींव रख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भगवान महावीर के जीवन को मानवता के लिए मार्गदर्शक बताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी महावीर जयंती के इस पर्व पर उनकी शिक्षाओं को याद करते हुए समाज में सत्य और अहिंसा की भावना को फैलाने की बात की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान महावीर की शाश्वत शिक्षाओं को पूरी दुनिया के लिए अमर पाथेय बताया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महावीर स्वामी के जीवन को शांति और करुणा का प्रतीक बताते हुए उनके सिद्धांतों को मानवता के मार्गदर्शक के रूप में सराहा।







