भोपाल, 31 मार्च।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मानवता की सेवा को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि दीन-दुखियों की सेवा से आत्म संतोष मिलता है। उन्होंने सिकल सेल और टी.बी. मुक्त प्रदेश बनाने के प्रयासों में सेवा भाव को प्रमुखता देने की जरूरत पर जोर दिया।
राज्यपाल पटेल मंगलवार को भोपाल स्थित लोकभवन में आयोजित सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन 2047 और टी.बी. मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान योजना की सुविधाओं और पात्रता की जानकारी देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 0 से 40 वर्ष तक के व्यक्तियों की विशेष जांच की जाए और आमजन को शिविरों में बताया जाए कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सिकल सेल का इलाज शामिल है। उन्होंने जिलेवार सिकल सेल रोगियों के उपचार की भी समीक्षा की।
टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश को टी.बी. मुक्त बनाने में स्थानीय जन प्रतिनिधियों की भागीदारी आवश्यक है। जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रतिनिधियों से पोषण आहार वितरण में सहयोग करने को कहा गया। उन्होंने नि:क्षय मित्रों की जिलेवार समीक्षा करने और संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
खनन क्षेत्रों में निवासरत और कार्यरत व्यक्तियों की टी.बी. जाँच कराने के निर्देश भी दिए गए। सिकल सेल जाँच लक्ष्य, जेनेटिक कार्ड वितरण, हाईड्राक्सी यूरिया की उपलब्धता, गर्भावस्था में माताओं और शिशुओं का प्रबंधन, आयुष्मान कार्ड वितरण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और जागरूकता अभियान आदि के विस्तृत निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयुष्मान कार्ड की प्रगति और सिकल सेल तथा टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के मानकों को पूरा करने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने जिलेवार दवा वितरण, घर-घर दवाई वितरण और जाँच की जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने टी.बी. उन्मूलन की उपलब्धियां और नि:क्षय मित्रों के प्रयास बताए।
बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव अशोक कुमार बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव मीनाक्षी सिंह, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण और आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा लोकभवन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।












