भुवनेश्वर, 25 अप्रैल।
संबलपुर स्थित विशेष विजिलेंस अदालत ने सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े एक मामले में दो इंजीनियरों को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को दो-दो वर्ष के कठोर कारावास के साथ आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।
विजिलेंस विभाग के अनुसार, दोषियों में सदानंद प्रधान, पूर्व सहायक अभियंता (सेवानिवृत्त), मानेश्वर ब्लॉक, संबलपुर तथा बिरंची नारायण दाश, वर्तमान सहायक अभियंता, बृतंग सिंचाई परियोजना, दसपल्ला, नयागढ़ शामिल हैं।
मामला वर्ष 2008-09 के दौरान महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत मानेश्वर ब्लॉक में सड़क सुधार कार्य में अनियमितताओं से संबंधित है। आरोप है कि कार्य माप में हेरफेर कर सरकारी राशि का गलत तरीके से उपयोग किया गया।
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर विजिलेंस विभाग ने चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
फैसले के बाद विजिलेंस विभाग ने बताया कि सेवानिवृत्त अभियंता की पेंशन रोकने और वर्तमान अभियंता की सेवा से बर्खास्तगी के लिए संबंधित प्राधिकरण से अनुरोध किया जाएगा।










