भुवनेश्वर, 25 अप्रैल।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने डॉ. कस्तूरीरंगन की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भावपूर्ण नमन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संदेश साझा कर उनके योगदान को याद किया।
धर्मेंद्र प्रधान ने डॉ. कस्तूरीरंगन को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रमुख निर्माता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में उल्लेखित किया। उन्होंने कहा कि वे केवल एक महान वैज्ञानिक नहीं थे, बल्कि ऐसे विचारक थे जिन्होंने शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में गहरा प्रभाव छोड़ा।
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. कस्तूरीरंगन का विश्वास ऐसे भारत पर था जहां जिज्ञासा पर कोई सीमा न हो, शिक्षा भारतीय मूल्यों से जुड़ी हो और साथ ही वैश्विक दृष्टिकोण भी रखे तथा हर बच्चे को अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिले।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनईपी 2020 के माध्यम से उनकी परिकल्पना केवल शैक्षिक सुधार नहीं थी, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला, समावेशी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल थी।
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि डॉ. कस्तूरीरंगन की सादगी, स्पष्ट सोच और युवा पीढ़ी पर विश्वास ने उन पर गहरा प्रभाव छोड़ा है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों में उनकी विचारधारा आज भी मार्गदर्शन देती है।
उन्होंने कहा कि डॉ. कस्तूरीरंगन की दृष्टि और योगदान आने वाले समय में भी भारत की शिक्षा प्रणाली को प्रेरित करते रहेंगे।



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