पटना, 25 अप्रैल
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के “लालू की पाठशाला” बयान पर तीखा हमला बोला। गिरिराज सिंह ने कहा कि यदि "लालू की पाठशाला" इतनी मजबूत और प्रभावशाली होती, तो उनके करीबी नेता भाजपा में क्यों जाते। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में परिवारवाद अब अपने चरम पर पहुंच चुका है और पार्टी के अंदर बढ़ती असंतोष के कारण कई नेताओं ने भाजपा का रुख किया।
बेगूसराय में पत्रकारों से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि भाजपा एक व्यापक विचारधारा वाली पार्टी है, जिसे उन्होंने "गंगा और समुद्र" की उपमा दी। उनके अनुसार, भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को किसी भी दबाव का सामना नहीं करना पड़ता, बल्कि वे अपनी इच्छा, विश्वास और विचारधारा के कारण पार्टी में आते हैं।
गिरिराज सिंह ने उदाहरण के तौर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लिया, जो अब भाजपा में महत्वपूर्ण पदों पर हैं और पार्टी की विचारधारा को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कर्नाटक की राजनीति पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जैसे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव की स्थिति बन रही है, वैसे ही कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का भविष्य सुरक्षित नहीं है।
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए उन्होंने पीडीएस घोटाले में हो रही कार्रवाई को भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया और कहा कि जो जैसा करेगा, उसे वैसा ही परिणाम भुगतना पड़ेगा।








