भोपाल, 24 अप्रैल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें मध्यप्रदेश की सेवा का अवसर मिला है और वे इसी सेवा भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से पूरा प्रदेश ही उनका परिवार है और प्रदेशवासियों का सुख-दुख उनके अपने जैसा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह 22 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि किसानों की मेहनत का सम्मान होने के साथ उनकी आय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
उन्होंने यह भी बताया कि अब पूरे प्रदेश में सभी किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेच सकेंगे और इसके लिए स्लॉट बुकिंग पूरी तरह खोल दी गई है। गेहूं उपार्जन अब सप्ताह में छह दिन किया जाएगा तथा शनिवार का अवकाश समाप्त कर दिया गया है। सभी उपार्जन केंद्रों पर खरीदी बिना किसी बाधा के जारी रहेगी।
इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है, जिससे किसानों को अधिक सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करना सरकार का संकल्प है कि किसी भी किसान को किसी प्रकार की परेशानी न हो और राज्य सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के मामलों में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए किसानों को उनकी भूमि के बदले चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा, जिससे उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें। साथ ही उड़द की खरीद समर्थन मूल्य पर की जाएगी और किसानों को समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को दूध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है। प्रतिदिन दूध संकलन 10 लाख किलोग्राम से अधिक पहुंच चुका है और दूध उत्पादक किसानों को 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष से अधिक है।










