वाराणसी, 17 मार्च।
गौप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद कार्यक्रम में भाग लेने के बाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ से प्रयागराज होते हुए 18 मार्च बुधवार शाम वाराणसी आएंगे। उनके आगमन पर सनातनी जनता और गौभक्त पुष्पवर्षा एवं जयघोष के साथ उनका स्वागत करेंगे।
शंकराचार्य काशी प्रवास के दौरान चैत्र नवरात्र में नौ दिनों तक विविध धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। उनके सानिध्य में आध्यात्मिक अनुष्ठान एवं विशेष पूजन संपन्न किए जाएंगे। मंगलवार को केदारघाट स्थित श्री विद्यामठ से जुड़े संजय पांडेय ने जानकारी दी कि श्री विद्यामठ में शंकराचार्य महाराज के चरण पादुका का पूजन कर भक्तों द्वारा उनका स्वागत वंदन किया जाएगा।
चैत्र नवरात्र प्रतिपदा पर 19 मार्च को नवसंवत्सरोत्सव के अवसर पर शंकराचार्य महाराज सनातनी पंचांग का विमोचन करेंगे। उनके सानिध्य में नवरात्र पर्यंत भगवती के विशेष पूजन सहित विविध धार्मिक और मांगलिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। नवरात्र के प्रथम दिन प्रातर्मंगलम् के 20वें वार्षिकोत्सव पर बटुक विद्यार्थियों द्वारा नव वर्ष के नव सूर्य को प्रथम अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद बटुकगण विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।












