अमेठी, 21 मार्च।
देशभर में जहां ईद का पर्व खुशी और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, वहीं अमेठी जिले के मुसाफिरखाना क्षेत्र के भनौली गांव में यह दिन गंभीर माहौल में बीता। शनिवार को गांव में स्थित जामा मस्जिद इमामबाग में शिया मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह करीब 9 बजे नमाज अदा की, जिसमें शामिल लोगों ने काली पट्टी बांधकर अपनी भावनाएं प्रकट कीं।
समुदाय के लोगों ने इस बार ईद को सादगी से मनाने का निर्णय लिया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत की स्मृति में लोगों ने नए वस्त्र न पहनने और पारंपरिक उत्सव से दूरी बनाए रखने का फैसला किया। नमाज की अगुवाई पेश इमाम मौलाना गौहर अब्बास ने की, जिन्होंने खुतबे में खामेनेई के विचारों का उल्लेख करते हुए अमेरिका और इजराइल की नीतियों का विरोध भी जताया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और सभी ने देश तथा विश्व में शांति, सद्भाव और भाईचारे के लिए दुआ की। पूरे आयोजन में सादगी, अनुशासन और भावनात्मक एकजुटता का वातावरण देखने को मिला।












