लखनऊ, 30 मार्च।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन सभागार में 69,804 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए और 18,440 कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 137 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 702 आंगनबाड़ी केंद्र और 71 बाल विकास परियोजना कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यदि नवजात शिशु सुपोषित और मां स्वस्थ है तो देश का भविष्य सशक्त है। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे पहले कुपोषित 1.5 लाख बच्चों को सुपोषित किया गया है।
योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार तेजी से काम कर रही है और आंगनबाड़ी केंद्रों की नींव को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले शराब माफिया पोषण वितरित करता था, जबकि आज गरीबों को बिना किसी खर्च या सिफारिश के नौकरी और सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग चांदी के चम्मच से जन्मे हैं, वे गरीबों की पीड़ा नहीं समझ सकते।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए स्मार्टफोन वितरण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि महिला कार्यकत्रियों द्वारा भेजा गया रियलटाइम डाटा समय पर प्राप्त नहीं होता था, जिससे रैंकिंग प्रभावित होती थी। अब स्मार्टफोन वितरण से यह समस्या दूर होगी और कार्यकत्रियों को इसमें पारंगत करना खुशी की बात है।
इस कार्यक्रम में महिला, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबीरानी मौर्य, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डा. नीरज शुक्ला, विधायक योगेश शुक्ला, एमएलसी रामचन्द्र प्रधान, एमएलसी मुकेश शर्मा और एमएलसी लालजी प्रसाद निर्मल उपस्थित रहे।












