नई दिल्ली, 07 मई।
उच्चतम न्यायालय ने रानी कपूर और प्रिया कपूर के बीच सोना ग्रुप से जुड़े पारिवारिक ट्रस्ट विवाद को सुलझाने के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया है। यह आदेश जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा जारी किया गया।
पिछली सुनवाई में उच्चतम न्यायालय ने इस मामले को आपसी बातचीत के माध्यम से हल करने की सलाह दी थी। आज सभी पक्षों ने इस सुझाव पर अपनी सहमति व्यक्त की, जिसके बाद न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। साथ ही, न्यायालय ने सभी पक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे इस विवाद को लेकर किसी भी प्रकार का बयान मीडिया में न दें और न ही सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी करें। मध्यस्थ की अंतरिम रिपोर्ट आने के बाद मामले की अगली सुनवाई अगस्त में की जाएगी।
इससे पहले 27 अप्रैल को न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि विरासत से जुड़े लंबे समय से चल रहे इस विवाद का 80 वर्षीया पक्षकार को कोई लाभ नहीं मिलेगा और अधिक उम्र में मामले को लंबा खींचने से कोई वास्तविक समाधान नहीं निकलता।
दरअसल, दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की माता रानी कपूर ने पारिवारिक आरके फैमिली ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि ट्रस्ट के गठन और उसके प्रबंधन की परिस्थितियां गंभीर सवालों के घेरे में हैं।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरके फैमिली ट्रस्ट का गठन उनकी जानकारी या सहमति के बिना किया गया, जिसके चलते उन्हें ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया। दावा किया गया है कि ट्रस्ट की संपत्ति मूल रूप से उनकी थी, लेकिन गठन के समय उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। साथ ही यह भी कहा गया है कि ट्रस्ट दस्तावेजों पर हस्ताक्षर बिना पूरी जानकारी के कराए गए और कुछ सादे कागजों पर भी उनके हस्ताक्षर ले लिए गए।



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