नई दिल्ली, 21 अप्रैल
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पूर्ण करने के बाद वियतनाम के लिए प्रस्थान किया, जिससे उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद का यह चरण समाप्त हो गया, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करना रहा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठोस परिणाम सामने आए हैं, जिससे भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी को भविष्य उन्मुख और अधिक सशक्त आधार प्राप्त हुआ है, साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति को विदाई दिए जाने की जानकारी भी दी।
राष्ट्रपति ने भारत और दक्षिण कोरिया को एक-दूसरे के प्रति विश्वसनीय साझेदार बताते हुए साझा भविष्य के निर्माण की प्रतिबद्धता जताई और भारत की ओर से मिले आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया।
इस दौरान राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति रही, जिसमें प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री सहित कई वरिष्ठ गणमान्य शामिल हुए।
प्रधानमंत्री और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति के बीच हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, वित्तीय सेवाओं, जहाज निर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में विस्तार पर चर्चा हुई, साथ ही सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंधों को भी मजबूत करने पर सहमति बनी।
बैठक के बाद दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौता ज्ञापनों और रूपरेखाओं का आदान-प्रदान किया गया, जिनमें अर्थव्यवस्था, व्यापार, समुद्री सहयोग, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, संस्कृति और खेल जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जिससे द्विपक्षीय सहयोग का दायरा और अधिक व्यापक हुआ।










