भोपाल, 09 जून।
मध्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा चलाए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान के तहत निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के एमडी भरत यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए 8 निर्माण एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं।
रायसेन, सिवनी, दतिया, बड़वानी, शहडोल, रतलाम और पन्ना जिलों में किए गए निरीक्षण के दौरान कुल 35 निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और प्रगति की जांच की गई, जिनमें सड़क, पुल और भवन निर्माण से जुड़े कार्य शामिल थे। निरीक्षण में कई स्थानों पर गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके बाद संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
एमडी भरत यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषी एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहडोल और पन्ना जिलों सहित कई स्थानों पर सड़क निर्माण कार्यों में गंभीर खामियां पाए जाने पर निर्माण एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए, वहीं कुछ मामलों में अधिकारियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है। रायसेन और सिवनी जिलों में भवन निर्माण कार्यों में भी अनियमितताएं सामने आने पर कंसल्टेंट और निर्माण एजेंसियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए।
समीक्षा बैठक में एमडी ने कहा कि 29 कार्यों में सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और आगामी निरीक्षण में इनकी पुनः जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व निरीक्षणों में चिन्हित कमियों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य होगा और लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, वर्षाकाल से पहले सड़कों और पुलों की मरम्मत तथा लोक कल्याण सरोवरों के लक्ष्यों को 30 जून तक पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
एमडी ने कहा कि प्रदेश में सभी निर्माण कार्यों की सतत निगरानी जारी रहेगी और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और टिकाऊ अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा सके।















