किशनगंज, 09 जून।
किशनगंज सदर अस्पताल में वर्षों तक सेवा देने वाले भूतपूर्व सैनिकों पर अचानक बेरोजगारी का संकट छा गया है। नई सुरक्षा एजेंसी के आने के बाद पुरानी एजेंसी के तहत कार्यरत रहे इन गार्डों को कार्य से हटा दिया गया है। अपनी आजीविका बचाने के लिए प्रभावित सैनिकों ने अब जिला प्रशासन से गुहार लगाई है।
सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी विशाल राज और सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि नई एजेंसी 'इलाइट फलकॉन्स प्रा. लिमिटेड' ने 6 जून से मोर्चा संभाल लिया है, लेकिन उन्हें काम पर नहीं रखा गया। इन पूर्व सैनिकों का कहना है कि वे वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
कार्यमुक्त किए गए सैनिकों में नूर परवेज, ज्योतिश हांसदा और कलामुद्दीन समेत अन्य ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें अनुभव को देखते हुए प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अचानक हटाए जाने से उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वे दोबारा अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में सेवा देने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में सुरक्षा सेवा दे रही एजेंसी 'समानता सिक्योरिटी' पर करीब 1.82 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के आरोप लगे थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में बिल और गार्डों की संख्या में भारी अंतर पाया गया था, जिसके बाद संबंधित प्रबंधक पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।
इस बड़े घोटाले के बाद प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है, लेकिन अब एजेंसी बदलने की प्रक्रिया में पुराने अनुभवी कर्मियों का भविष्य अधर में लटक गया है। जिला प्रशासन का रुख अब इस मामले में क्या रहता है, यह देखने वाली बात होगी।














