भोपाल, 09 जून।
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में राजनीतिक दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ-साथ विधायिका की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वे मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र के जोन-2 सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारें और विधानसभाएं अपने-अपने स्तर पर इस लक्ष्य की तैयारी कर रही हैं, लेकिन सबसे जरूरी है कि जनता की मानसिक और सामाजिक तैयारी सुनिश्चित की जाए, क्योंकि जागरूक समाज ही विकास की मजबूत नींव रखता है।
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता और सरकार के बीच एक सेतु की तरह काम करते हैं, और यदि वे अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगे तो जनता को भी सही दिशा में जागरूक किया जा सकेगा। इससे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी मजबूती के लिए जवाबदेही, आर्थिक समृद्धि और सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक कृषि प्रधान और युवा देश है, जहां युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देना विकास के लिए निर्णायक साबित होगा।
तोमर ने जोर देकर कहा कि जनसंख्या भारत की ताकत है और इस ताकत को सही दिशा देने में विधायिका और विधायक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जागरूक विधायक ही समाज को जागरूक बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा उपसभापति हरिवंश, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण सहित कई राज्यों के पीठासीन अधिकारी उपस्थित रहे। इससे पहले लोकतंत्र दीर्घा का उद्घाटन किया गया और विधानसभा पुस्तकालय व्यवस्था का अवलोकन भी किया गया।















