लखनऊ, 10 जून ।
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने पशुधन और डेयरी क्षेत्र में हुए बदलावों को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में गोसंरक्षण, पशुधन विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों ने नई दिशा दी है।
काकोरी स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने गोपूजन कर गौसेवा और संरक्षण का संदेश दिया तथा गोवंश को गुड़ और चना खिलाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ किसानों और पशुपालकों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि पशुधन और डेयरी क्षेत्र को अब कृषि के समान महत्व दिया जा रहा है, जिससे दुग्ध उत्पादन, नस्ल सुधार और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट का विस्तार किया गया है, जिसके तहत 520 वाहन गांव-गांव सेवाएं दे रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि टोल-फ्री नंबर 1962 के माध्यम से पशुओं के उपचार और टीकाकरण की सुविधा समय पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पशुपालकों को राहत मिली है। उन्होंने किसानों से अपील की कि दूध देना बंद कर चुकी गायों को आवारा न छोड़ा जाए, बल्कि उनकी देखभाल सुनिश्चित की जाए या उन्हें गौशालाओं में संरक्षित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है और इसका संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि सामाजिक दायित्व भी है।
कार्यक्रम में मौजूद राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने भी गोवंश संरक्षण को समाज की साझा जिम्मेदारी बताते हुए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने इस दौरान गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण कर चारा, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की तथा संबंधित योजनाओं की प्रगति पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।










