कोलकाता, 10 जून।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी हलचल के बीच नवगठित तृणमूल विधायक दल के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने बुधवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके साथ अब 64 से अधिक विधायक जुड़ चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका गुट किसी भी परिस्थिति में कांग्रेस में विलय नहीं करेगा और यही समूह वास्तविक तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने कहा कि उनके साथ विधायकों की संख्या 64 से अधिक हो चुकी है और संभावना है कि जल्द ही यह आंकड़ा 65 तक पहुंच जाएगा। उनके अनुसार आने वाले दिनों में और विधायकों के जुड़ने से ताकत और बढ़ेगी।
ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि केवल विधायक ही नहीं, बल्कि कई सांसद भी कांग्रेस में विलय के पक्ष में नहीं हैं और अधिकांश जनप्रतिनिधि उनके साथ बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जिला परिषदों और नगर निकायों के कई प्रतिनिधि भी उनके समर्थन में हैं तथा संगठनात्मक स्तर पर उनका समूह ही पार्टी का वास्तविक स्वरूप है।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस में इस्तीफों का सिलसिला भी जारी है, जिसमें हाल ही में राज्यसभा सांसद सुखेंदुशेखर राय और सुष्मिता देव द्वारा विभिन्न पदों से इस्तीफा दिए जाने की चर्चा रही।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार लोकसभा में भी पार्टी की स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है और कई सांसदों के रुख पर निगाहें टिकी हुई हैं।
इन घटनाक्रमों के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व, संगठनात्मक ढांचे और भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि ऋतब्रत बनर्जी ने कांग्रेस में विलय की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।










