लखनऊ, 10 जून।
उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी में भूटान सरकार को बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जिसके लिए बुधवार को पर्यटन विभाग और रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
यह लीज डीड एग्रीमेंट नई दिल्ली स्थित रॉयल भूटानी दूतावास की उप मिशन प्रमुख ताशी पेल्डन द्वारा भूटान सरकार की ओर से हस्ताक्षरित किया गया, जबकि इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी किया गया।
समझौते के तहत भूमि 30 वर्षों की अवधि के लिए लीज पर दी जाएगी, जिसका वार्षिक किराया मात्र एक रुपया निर्धारित किया गया है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि भारत और भूटान के बीच ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं तथा यह समझौता दोनों देशों के सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि वाराणसी के निकट स्थित सारनाथ बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है और यहां बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस बनने से बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार बौद्ध सर्किट के अंतर्गत आने वाले कुशीनगर, संकिसा सहित अन्य स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर रही है तथा कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के कारण पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा राज्य बन चुका है, जहां वाराणसी का सारनाथ एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं दार्शनिक स्थल है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस भूमि हस्तांतरण से न केवल अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और विदेशी पर्यटकों की आवाजाही में वृद्धि होगी।
भूटान सरकार की प्रतिनिधि ताशी पेल्डन ने इस समझौते पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम भारत और भूटान के बीच सांस्कृतिक एवं कूटनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगा।










