शिमला, 10 जून।
हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बुधवार को एक बड़ी समन्वित कार्रवाई करते हुए राज्यभर में 11 आदतन नशा तस्करों को पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत निरुद्ध किया।
यह कार्रवाई प्रदेश में चल रहे “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” अभियान के अंतर्गत की गई, जिसका उद्देश्य संगठित नशा तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाना है।
पुलिस के अनुसार यह अभियान मुख्यमंत्री द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए एंटी-चिट्टा जन आंदोलन का हिस्सा है, जिसके तहत हिमाचल पुलिस और एसटीएफ ने विभिन्न जिलों में एक साथ कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार निरुद्ध किए गए 11 तस्करों में बद्दी से 1, नूरपुर से 3, कुल्लू से 1, शिमला से 2, सोलन से 1, कांगड़ा से 1, हमीरपुर से 1 और बिलासपुर से 1 आरोपी शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद राज्य में पीआईटी एनडीपीएस के तहत निरुद्ध तस्करों की कुल संख्या बढ़कर 187 हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य की जीरो टॉलरेंस नीति, मजबूत खुफिया तंत्र और नशा तस्करी के खिलाफ आक्रामक रणनीति को दर्शाती है।
पुलिस के अनुसार अब अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नशा तस्करी नेटवर्क को खत्म करने पर फोकस किया जा रहा है।
इसके तहत अवैध संपत्तियों की पहचान, वित्तीय जांच, संपत्ति फ्रीजिंग और पीआईटी-एनडीपीएस जैसे निवारक कानूनों का उपयोग कर संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल पुलिस ने कहा है कि युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
साथ ही लोगों से अपील की गई है कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी जानकारी को 112 या नजदीकी पुलिस थाने में साझा करें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।










