नई दिल्ली, 11 जून।
दुनिया के 22 देशों ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इन देशों का कहना है कि ईरान विदेशों में बसे अपने विरोधियों और पत्रकारों को निशाना बनाने का काम कर रहा है। आरोप है कि ईरानी एजेंसियां इन्हें धमकाने और अपहरण करने जैसी साजिशों में लिप्त हैं।
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने खुलासा किया है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी), कुद्स फोर्स और खुफिया एजेंसियां सुनियोजित तरीके से इन लोगों को अपना शिकार बना रही हैं। इसमें यहूदी और इजराइली समुदाय के लोगों को भी घेरे में लिया जा रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना गया है।
अमेरिका और ब्रिटेन समेत 22 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान से इन हरकतों को फौरन रोकने की चेतावनी दी है। इसमें ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और स्वीडन समेत कई अन्य देश भी शामिल हैं।
इन देशों ने साफ किया है कि वे अपने नागरिकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और ऐसी गतिविधियों के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करेंगे। सभी ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया है।









