तेहरान, 11 जून।
मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव ने अब भीषण रूप धारण कर लिया है। अमेरिका की ओर से ईरान पर किए जा रहे लगातार हमलों के बाद स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई है। अमेरिकी सेना मिसाइलों और ड्रोन के जरिए ईरानी ठिकानों को निशाना बना रही है, जिसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा कर दी है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भीषण हमले शुरू कर दिए हैं। इन हमलों की जद में आने के बाद कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली लगातार सक्रिय है। वहीं, बहरीन ने भी पुष्टि की है कि उनके देश पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए हैं, जिसमें वहां स्थित महत्वपूर्ण एयर बेस को निशाना बनाया गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि आत्मरक्षा के नाम पर हमले जारी रहेंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के नेतृत्व को चेतावनी दी है और बंदर अब्बास, केशम द्वीप तथा सिरिक जैसे क्षेत्रों में हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव ने भी यह साफ कर दिया है कि अब बातचीत का रास्ता बंद हो चुका है और केवल सैन्य कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प है।










