बांसवाड़ा, 12 जून।
आधुनिक समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए, बांसवाड़ा के आदिवासी अंचल में बेटों ने अपने बुजुर्ग माता-पिता का पूरे विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया। आनंदपुरी थाना क्षेत्र के सालिया गांव में आयोजित इस अनोखी शादी में 60 वर्षीय रतना और 58 वर्षीय कड़वी देवी विवाह बंधन में बंधे।
यह जोड़ा करीब 25 वर्षों से 'नातरा प्रथा' के तहत साथ रह रहा था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उस समय उनका सामाजिक विवाह नहीं हो सका था। अब जब परिवार की स्थिति बेहतर हुई, तो उनके चारों बेटों ने अपने माता-पिता को समाज में पूरा मान-सम्मान दिलाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
विवाह समारोह में हल्दी रस्म से लेकर पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों तक, सभी रस्में पूरे उत्साह के साथ निभाई गईं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार एकत्रित हुए। आर्थिक कठिनाइयों को पीछे छोड़ते हुए बेटों द्वारा अपने माता-पिता के प्रति दिखाया गया यह समर्पण और पारिवारिक मूल्यों का यह संदेश अब चर्चा का विषय बना हुआ है।













