ग्वालियर, 19 जून।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम के बाल भवन में आयोजित जिला स्तरीय किसान कार्यशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जैविक कृषि न केवल बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सांसद भारत सिंह कुशवाह ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह खेती पद्धति कृषि की दीर्घकालीन समृद्धि का आधार बन सकती है। साथ ही इससे उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होती है और बाजार में उचित मूल्य मिलने की संभावना भी बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। किसानों को संकल्प लेना चाहिए कि वे इस दिशा में आगे बढ़ेंगे, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे और आय में भी सकारात्मक सुधार आएगा।
कार्यक्रम में कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि किसानों को जैविक खेती से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर इसे अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के साथ-साथ यह खेती परिवार की आर्थिक मजबूती में भी सहायक है। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में जैविक उत्पादों के विपणन के लिए प्रति रविवार कृषि विश्वविद्यालय के बाहर विशेष जैविक बाजार संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष नेकसिंह गुर्जर और भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया ने भी किसानों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेशभर में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे किसानों को नई तकनीकों और खेती के विकल्पों की जानकारी मिल सके।
कार्यशाला में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों तथा कृषि वैज्ञानिकों ने जैविक कृषि, प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी से जुड़े विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। बाल भवन परिसर में लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से भी किसानों को खेती संबंधी उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम के दौरान जिले के उन किसानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने जैविक उत्पादन को अपनाकर उल्लेखनीय कार्य किया है। अतिथियों ने उन्हें शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मान प्रदान किया।


















