हैदराबाद, 19 जून।
तेलंगाना सरकार की महत्वाकांक्षी मुसी रिवरफ्रंट विकास योजना को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। रक्षा मंत्रालय ने मुसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमआरडीसी) को बापू घाट स्थित प्रस्तावित गांधी सरोवर परियोजना के लिए आवश्यक कार्य अनुमति प्रदान कर दी है। इस मंजूरी के साथ परियोजना के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो गया है और राज्य सरकार की बहुप्रतीक्षित मुसी नदी पुनर्विकास योजना को नई गति मिलने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्रालय के भूमि विभाग ने गोलकोंडा स्थित आर्टिलरी सेंटर के अंतर्गत आने वाली 83.814 एकड़ रक्षा भूमि के उपयोग की अनुमति दी है। यह स्वीकृति इक्वल वैल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर (ईवीआई) नीति के तहत प्रदान की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अनुमति निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अधीन होगी और परियोजना के कार्यान्वयन के दौरान सभी सुरक्षा और प्रशासनिक प्रावधानों का पालन अनिवार्य होगा।
स्वीकृत भूमि गंडीपेट, राजेंद्रनगर और गोलकोंडा मंडलों के अंतर्गत बांडलागुडा, हैदरगुडा और किला मोहम्मद नगर गांवों में स्थित है, जिसका कुल मूल्यांकन लगभग 533.42 करोड़ रुपये किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि यह अनुमति स्थानीय सैन्य प्राधिकरण को समान मूल्य के बुनियादी ढांचे के निर्माण के बदले प्रदान की गई है।
एमआरडीसी ने एनओसी पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसके बाद सभी प्रक्रियाओं और मूल्यांकन के उपरांत रक्षा मंत्रालय ने परियोजना को मंजूरी दी। यह स्वीकृति गांधी सरोवर परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बाधा को दूर करने वाली साबित हुई है।
गांधी सरोवर परियोजना, तेलंगाना सरकार के व्यापक मुसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोग्राम का प्रमुख हिस्सा है। इसके तहत नदी की पर्यावरणीय बहाली, सार्वजनिक स्थलों का निर्माण, शहरी आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण, हरित क्षेत्रों का विकास तथा सांस्कृतिक और मनोरंजक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
बापू घाट स्थित गांधी सरोवर परियोजना का उद्देश्य महात्मा गांधी से जुड़े ऐतिहासिक स्मारक क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विकास और इसे मुसी रिवरफ्रंट योजना के साथ एकीकृत करना है। परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
परियोजना की मंजूरी के बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्रालय और भारतीय सेना के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे मुसी नदी के व्यापक पुनर्जीवन और उसके तटों को एक जीवंत पारिस्थितिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक संपत्ति के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
राज्य सरकार का उद्देश्य मुसी नदी को केवल जलधारा नहीं, बल्कि हैदराबाद की सांस्कृतिक पहचान और शहरी विकास की धुरी के रूप में विकसित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्वीकृति के बाद गांधी सरोवर परियोजना और मुसी रिवरफ्रंट विकास के अन्य चरणों के कार्यों में तेजी आएगी, जिससे शहर में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं और शहरी आधारभूत संरचना को नया आयाम मिलेगा।

















