नई दिल्ली, 19 जून।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीवन में कामयाबी हासिल करने को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ज्ञान, विवेक और दूरदर्शिता जैसी मानवीय खूबियां ही असल में इंसान की सफलता की असली बुनियाद होती हैं।
प्रधानमंत्री ने इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि जो भी व्यक्ति इन विशिष्ट गुणों से परिपूर्ण होता है, वह जीवन की जटिल से जटिल और बड़ी से बड़ी मुश्किलों का डटकर मुकाबला करने का हौसला रखता है। ऐसा इंसान विपरीत परिस्थितियों में भी अंततः जीत हासिल करने में पूरी तरह समर्थ होता है।
इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बेहद ज्ञानवर्धक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने लिखा, “शास्त्रे प्रतिष्ठा सहजश्च बोधः प्रागल्भ्यमभ्यस्तगुणा च वाणी। कालानुरोधः प्रतिभानवत्त्वमेते गुणाः कामदुघाः क्रियासु॥”
इस श्लोक के गहरे अर्थ को समझाते हुए उन्होंने बताया कि किसी भी विषय का गहरा व प्रामाणिक ज्ञान होना, सहज और स्वाभाविक विवेक का होना, मन में अटूट व निर्भीक आत्मविश्वास का होना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही अभ्यास के बल पर निखरी हुई असरदार वाणी, वक्त के तकाजे को भांपने की तीव्र दूरदर्शिता और हर पल नई सूझ-बूझ का होना आवश्यक है।
उन्होंने आगे समझाया कि ये छह विशेष मानवीय गुण व्यक्ति के हर काम में पौराणिक 'कामधेनु' गाय के समान फलदायी साबित होते हैं। ये सभी खूबियां मनुष्य को उसके जीवन के हर एक मुकाम और बड़े से बड़े लक्ष्य को आसानी से प्राप्त करने में पूरी तरह मददगार होती हैं।












