नई दिल्ली, 19 जून।
राजधानी में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क अधिसूचित कर दिया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों, उद्योगों, संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निर्माण एजेंसियों को समय रहते तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार यह फ्रेमवर्क सामान्य रूप से प्रत्येक वर्ष 1 नवंबर से 28 फरवरी तक ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) के साथ लागू रहेगा। इसके तहत प्रदूषण रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर निगरानी और नियंत्रण संबंधी प्रावधान तय किए गए हैं।
नई व्यवस्था के अंतर्गत केवल उन्हीं वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र होगा। इसका उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना और नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है।
फ्रेमवर्क में यह भी प्रावधान किया गया है कि 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग शुल्क दोगुना रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे निजी वाहनों के उपयोग को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि सर्दियों में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए यह व्यवस्था पहले से तैयारी और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


















