नई दिल्ली, 19 जून।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि “टीबी का एक भी मरीज छूटना नहीं चाहिए, हर संभावित मरीज की पहचान सुनिश्चित की जाए।” उन्होंने कहा कि टीबी से होने वाली मौतों में कमी लाना अभियान का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्यों को अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करना होगा और छूटे हुए मरीजों तक पहुंच सुनिश्चित करनी होगी। दिसंबर 2024 से चलाए जा रहे सघन 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक 28 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 20 लाख लोगों को टीबी से बचाव के लिए निवारक उपचार दिया गया और 5.7 लाख नए निक्षय मित्र इस अभियान से जुड़े हैं।
देशभर में हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की तैनाती से एक्स-रे जांच में 34 गुना वृद्धि हुई है, जिससे टीबी के मामलों की पहचान में तेजी आई है।
24 मार्च 2026 से अभियान के दूसरे चरण में 1.7 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से 1.2 लाख से अधिक उच्च जोखिम वाले गांव, वार्ड और संवेदनशील क्षेत्र कवर किए गए।
नड्डा ने बताया कि अब तक 1.9 लाख से अधिक माई भारत स्वयंसेवक अभियान से जुड़े और जागरूकता फैलाने तथा मरीजों की सहायता में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश को जल्द से जल्द टीबी मुक्त भारत बनाना है, जिसके लिए राज्यों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवकों और समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है।


















