नई दिल्ली, 19 जून।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में भाग लिया। इस बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान और मैटरनिटी एवं बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान दिल्ली सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां और चल रही पहलों को प्रस्तुत किया। डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि दिल्ली टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, सेवा वितरण में सुधार और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के प्रभावी उपयोग पर लगातार कार्य कर रही है।
दिसंबर 2024 से अब तक दिल्ली में 16.4 लाख से अधिक संवेदनशील एवं उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई। इसके अलावा 7.4 लाख से अधिक चेस्ट एक्स-रे और 3.5 लाख एनएएटी परीक्षण किए गए, जिससे टीबी की शीघ्र पहचान और उपचार में मदद मिली।
दिल्ली कई प्रमुख संकेतकों पर राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) कवरेज दिल्ली में 45 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 29 प्रतिशत है। अपफ्रंट एनएएटी परीक्षण का कवरेज दिल्ली में 88 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 83 प्रतिशत है।
24 मार्च से 15 जून तक चलाए गए टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के तहत दिल्ली में 1,953 आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए। इनमें 486 उच्च जोखिम वाले वार्ड और 149 सामूहिक आवासीय एवं संस्थागत स्थल शामिल हैं। इन शिविरों में 3.19 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 2.03 लाख से अधिक एक्स-रे, लगभग 70,070 एनएएटी परीक्षण और 26,761 टीबी रोगियों की अधिसूचना दर्ज की गई।
साथ ही 129 नि-क्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 16,096 पोषण खाद्य टोकरी वितरित कीं। सांसदों, विधायकों और पार्षदों की सक्रिय भागीदारी ने अभियान में राजनीतिक और सामुदायिक समर्थन को बढ़ाया। निक्षय पोषण योजना के तहत अब तक 65,900 से अधिक लाभार्थियों को ₹36 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता दी गई है, जबकि 3,842 नि-क्षय मित्र टीबी रोगियों को पोषण सहायता और सामुदायिक सहयोग उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


















