वाशिंगटन, 19 जून।
अमेरिका और ईरान के बीच पेरिस में हुए 14 सूत्रीय शांति समझौते के बाद वाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अगले कदमों की वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड रवाना नहीं हुए हैं। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के हस्ताक्षरों के बाद मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव में भारी कमी दर्ज की गई है, जिससे परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से बातचीत का रास्ता साफ हुआ है। इस यात्रा के टलने का होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है, और वहाँ समुद्री आवागमन काफी तेजी से सामान्य हो रहा है।
प्रवक्ता के अनुसार, फिलहाल दोनों पक्षों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत की रूपरेखा तय नहीं हुई है। इसी बीच, ट्रंप प्रशासन ने सीनेट में बहुमत के नेता जॉन थ्यून और अल्पसंख्यक दल के नेता चक शूमर सहित कांग्रेस की विदेश मामलों की समितियों के शीर्ष सांसदों को इस ईरान समझौते की विस्तृत जानकारी दी है। प्रशासनिक अधिकारियों ने फोन के माध्यम से सांसदों के सभी सवालों के जवाब दिए और आगामी कूटनीतिक चर्चाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की।
दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी समझौते के बाद भी दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र से अपनी सेना हटाने का पुरजोर विरोध किया है, वहीं हिजबुल्लाह ने इजराइली बलों की पूर्ण वापसी की मांग दोहराई है। वैश्विक स्तर पर राहत देते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी समाप्त कर दी है, जिसके बाद तेहरान ने होर्मुज क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों को परमिट देने की जिम्मेदारी अपनी पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी को सौंप दी है।












