नई दिल्ली, 19 जून।
एनएचआरसी ने नाबालिग को जेल में रखने पर यूपी के डीजीपी समेत अधिकारियों को नोटिस भेजा
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने गौतमबुद्ध नगर जिले की कासना जेल में एक नाबालिग को वयस्क कैदी की तरह रखने के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, जेल प्रशासन और सुधार सेवा महानिदेशक को नोटिस जारी किया है तथा दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल में मजदूरों ने वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान शाहजहांपुर निवासी 16 वर्षीय किशोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उस पर भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और उसे कासना जेल भेज दिया गया। बाद में मेडिकल जांच में उसकी उम्र नाबालिग पाई गई, इसके बावजूद सुधारगृह में स्थानांतरण में प्रशासन को छह दिन लग गए।
पीड़ित को जमानत मिल चुकी है, लेकिन वह आर्थिक तंगी के कारण अभी भी सुधारगृह में ही है क्योंकि परिवार जमानत राशि जुटाने में असमर्थ है। आरोप यह भी है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके साथ मारपीट की और दबाव बनाकर खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचआरसी ने जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग के महानिदेशक (जांच) को एक टीम भेजकर घटनास्थल की जांच करने और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।


















