बलौदाबाजार, 20 जून।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल विकासखंड से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहाँ ग्राम चांटीपाली के एक किसान ने रेत से लदे ट्रैक्टर को मुक्त करने के बदले में महिला नायब तहसीलदार द्वारा कथित रूप से 50 हजार रुपये की घूस मांगे जाने से परेशान होकर कीटनाशक खाकर खुदकुशी की कोशिश की।
पीड़ित अन्नदाता की पहचान कमल ओगरे के रूप में हुई है, जिन्होंने मानसिक तनाव में आकर शुक्रवार को यह आत्मघाती कदम उठाया। जहर खाने के फौरन बाद उन्हें कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ बीएमओ वंदना भेले की देखरेख में समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच सकी और वर्तमान में उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।
इस गंभीर घटना के बाद स्थानीय ट्रैक्टर संघ के पदाधिकारियों ने आज सुबह कसडोल एसडीएम रामरतन दुबे से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा और क्षेत्र में वाहन चालकों से होने वाली अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच की मांग की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने एसडीएम को तीन दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
आरोपी महिला नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने इस मामले में जांच कमेटी को अपना लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण दे दिया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे रिश्वत के तमाम आरोपों को पूरी तरह से मनगढ़ंत, बेबुनियाद और निराधार करार दिया है। उनका तर्क है कि खनिज और राजस्व नियमों के तहत की गई वैधानिक जब्ती की कार्रवाई को वापस लेने के लिए उन पर अनुचित दबाव बनाने के उद्देश्य से यह आरोप मढ़े जा रहे हैं।
दूसरी तरफ, पीड़ित के बेटे राज ओगरे ने जांच दल के समक्ष अपने आरोपों को दोहराते हुए बयान दिया है कि शुक्रवार की सुबह जब वह महानदी से रेत लेकर आ रहा था, तब नायब तहसीलदार ने उसे रोका था और वाहन छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये नगद मांगे थे। राशि न देने पर गाड़ी को जबरन कसडोल थाने में बंद करवा दिया गया, जिससे आहत होकर उनके पिता ने यह कदम उठाया।
एसडीएम ने बताया कि महानदी क्षेत्र से जब्त ट्रैक्टर की सूची और चालान रसीदों का मिलान किया जा रहा है ताकि कानूनी प्रक्रिया की सत्यता परखी जा सके। इस बीच, घटना की सूचना पाकर स्थानीय विधायक संदीप साहू भी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की आवश्यकता पर बल दिया है।










