दोहा, 20 जून।
भारत के स्टार एथलीट और भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने चोट से उबरने के बाद लगभग आठ महीने बाद ट्रैक पर शानदार वापसी की है। शुक्रवार की रात आयोजित की गई प्रतिष्ठित दोहा डायमंड लीग 2026 में उन्होंने चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि मामूली अंतर के कारण वह इस प्रतियोगिता में पदक जीतने से चूक गए, लेकिन उन्होंने आगामी राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए तय किए गए कड़े क्वालिफिकेशन मार्क को आसानी से पार कर एक बड़ी कामयाबी अपने नाम कर ली है।
उल्लेखनीय है कि 28 वर्षीय नीरज चोपड़ा पीठ की गंभीर चोट की वजह से लंबे समय से खेल के मैदान से दूर चल रहे थे। इस बड़ी प्रतियोगिता में वापसी करते हुए उनका पहला प्रयास फाउल रहा, जिससे प्रशंसकों की धड़कनें बढ़ गईं। इसके बाद उन्होंने अपनी पुरानी लय और फॉर्म को हासिल किया और अपने तीसरे ही प्रयास में 85.69 मीटर दूर भाला फेंककर अंक तालिका में सीधे तीसरे स्थान पर पहुंच गए।
इसके बाद अपने चौथे प्रयास में उन्होंने 83.45 मीटर का थ्रो दर्ज कराया। अंतिम दौर में शीर्ष पर जगह पक्की करने के लिए उन्हें पांचवें प्रयास में 86 मीटर से अधिक की दूरी हासिल करने की दरकार थी, लेकिन उनका यह महत्वपूर्ण प्रयास भी फाउल घोषित हो गया, जिसके चलते वह खिसककर चौथे पायदान पर आ गए।
यद्यपि नीरज अपनी इस बहुप्रतीक्षित वापसी को किसी यादगार खिताबी जीत में तब्दील करने में सफल नहीं हो सके, परंतु उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85.69 मीटर रहा, जो राष्ट्रमंडल खेल 2026 के निर्धारित क्वालिफिकेशन मानक 82.61 मीटर से काफी अधिक और बेहतर रहा। इस तरह उन्होंने बड़े इवेंट के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया है।
इस हाई-प्रोफाइल प्रतियोगिता का मुख्य खिताब श्रीलंका के उभरते खिलाड़ी रुमेश थरंगा पथिरागे ने अपने नाम किया, जिन्होंने 88.68 मीटर का दमदार थ्रो फेंका। उन्होंने हाल ही में रोम डायमंड लीग में भी 92.62 मीटर का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था।
प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर ग्रेनेडा के अनुभवी एथलीट एंडरसन पीटर्स रहे, जिन्होंने 86.38 मीटर की दूरी नापी, जबकि अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन ने 85.99 मीटर के शानदार थ्रो के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
दोहा के मैदान पर नीरज चोपड़ा की इस दमदार वापसी को भारतीय एथलेटिक्स और खेल जगत के लिए बेहद सकारात्मक और शुभ संकेत माना जा रहा है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि अब उनकी पैनी नजरें आगामी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में और अधिक बेहतर प्रदर्शन कर तिरंगा लहराने पर टिकी होंगी।










