नई दिल्ली, 20 जून।
भारत के वरिष्ठ नौकरशाह विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का अगला उपाध्यक्ष चुना गया है। उनका यह कार्यकाल वर्ष 2026-27 के लिए होगा और वे यूनाइटेड किंगडम के जाइल्स थॉमसन का स्थान लेंगे। वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्यरत अग्रवाल इससे पहले एफएटीएफ में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर चुके हैं। यह महत्वपूर्ण निर्णय 17 से 19 जून तक आयोजित एफएटीएफ प्लेनरी बैठक के दौरान लिया गया।
विदेश मंत्रालय ने इसे भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस नियुक्ति से वैश्विक आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क और अवैध वित्तीय प्रणालियों के खिलाफ लड़ाई में भारत की प्रतिबद्धता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि अग्रवाल का पूर्व एफआईयू-आईएनडी (FIU-IND) निदेशक का अनुभव वित्तीय अखंडता को सुरक्षित रखने में मददगार होगा।
इस तीन दिवसीय बैठक के दौरान वैश्विक स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग रोकने के प्रयासों की समीक्षा की गई। बैठक में बोस्निया और हर्जेगोविना तथा इराक को 'बढ़ी हुई निगरानी' सूची में शामिल किया गया है। इसके विपरीत, अपनी कार्य योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अल्जीरिया और नामीबिया को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से हटा दिया गया है।
इस प्लेनरी सत्र में जाइल्स थॉमसन को अगला एफएटीएफ अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया, जो मैक्सिको की एलिसा डी एंडा मद्राज़ो की जगह लेंगे। गौरतलब है कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग से निपटने के लिए वैश्विक मानक तय करने वाली संस्था है, जिसमें भारत वर्ष 2010 से एक सक्रिय सदस्य के रूप में शामिल है।
















