उज्जैन, 20 जून।
देश में स्वच्छता के क्षेत्र में अग्रणी इंदौर का स्वच्छता मॉडल अब पूरे भारत में स्वच्छता की नई इबारत लिखेगा। उज्जैन प्रवास पर आए केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास तथा ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने यह घोषणा की है। उन्होंने एक और बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि देश भर में 15 अगस्त 2026 से पहले 20 करोड़ नए स्मार्ट मीटर लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस महाभियान के अंतर्गत अकेले मध्य प्रदेश में एक करोड़ नए स्मार्ट मीटर स्थापित किए जाएंगे, जिनकी शुरुआत सबसे पहले सरकारी विभागों में प्रीपेड मीटर लगाकर होगी और बाद में चरणबद्ध तरीके से बड़े उपभोक्ताओं के यहाँ भी इन्हें इंस्टॉल किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल शुक्रवार देर शाम उज्जैन के जिला कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हो रहे थे। उन्होंने बताया कि बैठक में मध्य प्रदेश के भीतर ऊर्जा और शहरी विकास दोनों ही विभागों के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई है। उन्होंने विशेष रूप से साझा किया कि आगामी सिंहस्थ महापर्व को पूरी तरह जीरो वेस्ट (शून्य अपशिष्ट) बनाने का एक बड़ा टारगेट तय किया गया है, जिसे हासिल करने के लिए सभी पहलुओं पर बारीकी से रणनीति बनाई गई है।
स्वच्छता के मोर्चे पर मध्य प्रदेश की पीठ थपथपाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह राज्य पूरे देश में एक रोल मॉडल और लीडर की भूमिका निभा रहा है। लगातार कई वर्षों तक देश में शीर्ष स्थान पर रहे इंदौर के अनूठे मॉडल को अब राष्ट्रीय स्तर पर अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि सूबे में स्वच्छता को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 3,680 करोड़ रुपये की वृहद योजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें भारत सरकार की ओर से 2,036 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय योगदान दिया जा रहा है। प्रदेश में जमा 57 लाख मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग का काम तेजी से शुरू किया जा चुका है, जिसमें से अब तक 48 लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरे का सफल निष्पादन किया गया है। इस सफल कचरा प्रबंधन के परिणामस्वरूप सरकार को 509 एकड़ भूमि कचरे के ढेरों से मुक्त होकर वापस मिली है, जिसमें से 100 एकड़ क्षेत्र पर सघन वृक्षारोपण (प्लांटेशन) कर इन जमीनों को पूरी तरह हरा-भरा और सुंदर बनाया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उज्जैन की पावन धरा पर दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम सिंहस्थ 2028 आयोजित होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक मेले की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए स्वयं भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री दिल्ली से अपने आला अधिकारियों की पूरी टीम के साथ यहां आए हैं। उन्होंने न केवल मैराथन समीक्षा बैठक की, बल्कि इस बात पर भी लंबा मंथन किया कि सिंहस्थ के आयोजन के बाद भी आने वाले समय में मध्य प्रदेश को विकास के नए सोपानों तक पहुंचाने के लिए किन-किन बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा किया जाना जरूरी है।
तकरीबन दो घंटे तक चली इस विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग के समापन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सीधे विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर पहुंचे। वहाँ दोनों ही वरिष्ठ नेताओं ने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल की आराधना की और विधि-विधान से पूजन कर बाबा महाकाल का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त किया।

















