नई दिल्ली, 22 जून।
अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हाल ही में संपन्न हुई शांति वार्ता के सकारात्मक परिणामों का असर वैश्विक बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसके फलस्वरूप सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 3 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में सप्लाई बाधित होने का डर कम हुआ है, साथ ही ईरान द्वारा अपने तेल निर्यात में वृद्धि करने की उम्मीदों ने भी कीमतों को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई है।
कारोबार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 1.17 फीसदी फिसलकर 79.63 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गया है। हालांकि, शुरुआत में यह 82 डॉलर प्रति बैरल के पार भी गया था। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 75.96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई यह नरमी भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए एक सुखद संकेत है। इसके बावजूद, उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है, क्योंकि तेल कंपनियां पहले अपनी लागत और पुराने घाटे की भरपाई करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी। फिलहाल, वैश्विक बाजार और तेल की आपूर्ति की दिशा पश्चिम एशिया के ताजा हालात पर निर्भर रहेगी।













