वॉशिंगटन, 22 जून।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के सैन्य भंडार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट' (DPA) लागू करने का बड़ा निर्णय लिया है। लंबे समय से चल रहे वैश्विक संघर्षों और ईरान के साथ जारी तनातनी के कारण अमेरिकी हथियारों के जखीरे में आई कमी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। राष्ट्रपति ने रक्षा मंत्री को सैन्य उद्योग के साथ नए अनुबंध करने और उत्पादन संबंधी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक हलचल भी तेज है। चीन और पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से मध्य पूर्व में शांति बहाली, युद्धविराम और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर दिया है। दूसरी ओर, ईरान ने लेबनान में इजरायली हमलों के विरुद्ध कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 15 सप्ताह के सैन्य अभियानों के बाद अमेरिका अब अपनी रक्षा उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ाने पर केंद्रित है। इस दिशा में अमेरिकी कांग्रेस भी महत्वपूर्ण मिसाइल प्रणालियों और रक्षा उपकरणों के उत्पादन के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की तैयारी कर रही है ताकि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया जा सके।













