तिरुवल्लूर, 22 जून।
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम इलाके में स्थित एक निजी झींगा प्रसंस्करण इकाई में हुए अमोनिया गैस रिसाव ने एक बड़ी त्रासदी का रूप ले लिया है। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक पाँच श्रमिकों की जान जा चुकी है, जबकि करीब 67 अन्य कर्मचारी अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। प्रभावितों में से कई लोग गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्हें आईसीयू तथा वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
रविवार सुबह कन्निकैपेर गांव स्थित पीटर एंड पॉल सीफूड एक्सपोर्ट्स में कूलिंग सिस्टम की पाइपलाइन फटने से जहरीली अमोनिया का रिसाव शुरू हुआ। उस वक्त फैक्ट्री में करीब 120 कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से अधिकांश महिलाएं थीं जो परिसर में ही बनी आवासीय सुविधाओं में रहती थीं। औद्योगिक सुरक्षा विभाग की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने सुरक्षा के भारी मानकों को ताक पर रखा था। परिसर में न तो कोई चेतावनी अलार्म सिस्टम था और न ही पर्याप्त अग्निशमन उपकरण मौजूद थे।
राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री के मालिक और प्रबंधक को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है और शवों को उनके पैतृक राज्यों तक पहुंचाने का खर्च उठाने का जिम्मा लिया है। इस भयावह घटना के बाद पूरे तमिलनाडु में सभी खतरनाक औद्योगिक इकाइयों के लिए संयुक्त निरीक्षण अभियान के आदेश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी चूक न हो।










