साहब ने सोचा कि विभाग की कमान हाथ में आते ही आदेशों की बारिश होगी। फाइलों पर लिखते गए और मंजूरी की उम्मीद करते रहे।
लेकिन जब एक भी आदेश जमीन पर नहीं उतरा तो कारण जानने की उत्सुकता बढ़ी। आखिरकार एक अनुभवी कर्मचारी ने मुस्कुराते हुए राज खोल दिया—"साहब, विभाग आपका जरूर है, लेकिन स्टीयरिंग अभी भी किसी और के हाथ में है। आप फिलहाल सिर्फ ड्राइविंग सीट पर बैठे नजर आ रहे हैं।"













