इंदौर, 26 जून।
इंदौर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने वाले एक गिरोह का खुलासा करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपितों के कब्जे से 44 हजार रुपये के जाली नोट, प्रिंटिंग मशीन और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार गुरुवार देर शाम गांधीनगर स्थित सांवरिया ढाबा के कर्मचारी ने सूचना दी कि एक युवक भुगतान के लिए संदिग्ध 200 रुपये का नोट इस्तेमाल कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसकी पहचान दीपक पटेल निवासी अटाहेड़ा (देपालपुर) के रूप में हुई। तलाशी में उसके पास से एक ही सीरियल नंबर वाले 200-200 रुपये के 20 नकली नोट मिले।
पूछताछ के दौरान दीपक ने अपने दो साथियों संजय उर्फ जय वैष्णव और रवि चौधरी के साथ मिलकर जाली नोट तैयार करने और उन्हें बाजार में चलाने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों के ठिकाने पर की गई तलाशी में 200 रुपये के कुल 40 हजार रुपये के नकली नोट, कुछ अधछपे 500 रुपये के नोट, एक कलर प्रिंटर तथा उच्च गुणवत्ता वाला कागज बरामद किया गया। पुलिस ने सभी सामग्री को जब्त कर लिया है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने की तकनीक सीखी थी। इसके बाद कलर प्रिंटर की मदद से जाली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क और नकली नोटों की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है।














