नई दिल्ली, 27 जून।
खाद्य उत्पादों की शुद्धता और सही जानकारी की निगरानी करने वाले संगठन एफएसएसएआई ने एक बड़ी कार्रवाई की है। नियामक संस्था ने ग्राहकों से मिली शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एसएजे फूड प्रोडक्ट्स कंपनी को एक कारण बताओ नोटिस थमाया है। यह पूरा मामला कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड "ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्किट" के विज्ञापनों में किए गए कथित तौर पर झूठे और भ्रामक प्रचार से जुड़ा हुआ है।
नियामक प्राधिकरण ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्पाद निर्माता कंपनी को अपना पक्ष रखने के लिए मात्र 7 दिनों की मोहलत दी है। कंपनी को तय समय सीमा के अंदर इस भ्रामक दावे पर अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण दाखिल करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा संस्था द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में साफ कहा गया है कि बिस्किट निर्माता ने अपने पैकेट और विज्ञापनों में इस खाद्य सामग्री को पूरी तरह से शुगर-फ्री होने का प्रचार किया था। जांच में यह बात सामने आई है कि इस उत्पाद के निर्माण में सॉलिड ग्लूकोज सीरप के साथ-साथ मेलटॉडेज्ट्रीन का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया गया है।
इसके अतिरिक्त, विज्ञापन में इस बात का भी जोर-शोर से ढिंढोरा पीटा गया था कि इस बिस्किट को बनाने में 100 प्रतिशत शुद्ध आटे का प्रयोग हुआ है। हकीकत की जांच करने पर पता चला कि इस सामग्री में केवल 72 प्रतिशत ही आटे का अंश मौजूद है।
नियामक ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि पूरे प्रकरण की गहराई से प्रशासनिक जांच की जा रही है। तय समय सीमा में कंपनी की तरफ से जो भी स्पष्टीकरण या जवाब प्रस्तुत किया जाएगा, उसी के विधिक मूल्यांकन के आधार पर आगे की दंडात्मक या सुधारात्मक कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।













