हरिद्वार, 27 जून।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं।
शनिवार को उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित 'दधीचि अंगदान संकल्प अभियान' कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। कार्यक्रम में देशभर से आए विशेषज्ञों, चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और साधकों ने अंगदान के महत्व पर अपने विचार साझा किए तथा अनेक लोगों ने मानव सेवा के उद्देश्य से अंगदान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है, जिससे गंभीर रूप से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टिकोणों से समझना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अंगदान और प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत ढांचे को विकसित किया गया है तथा राज्यों में भी इससे जुड़े संगठनों को सक्रिय किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोगों में बढ़ती जागरूकता के कारण देश में अंगदान की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और जनभागीदारी के माध्यम से इसे व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में महर्षि दधीचि और राजा शिवि के त्याग का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सेवा, करुणा और परोपकार की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि यदि मृत्यु के बाद किसी व्यक्ति का अंग किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सके तो इससे बड़ा मानव कल्याण का कार्य नहीं हो सकता।
धामी ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा अधोसंरचना के विकास और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के साथ अंगदान एवं प्रत्यारोपण व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। दून मेडिकल कॉलेज में राज्य के पहले सरकारी ऊतक प्रत्यारोपण केंद्र के निर्माण सहित अंग प्रत्यारोपण केंद्रों, अंग बैंक और जिला स्तरीय अंगदान केंद्रों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार द्वारा आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की मूल भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, सहयोग, कर्तव्यबोध और लोकमंगल की भावना को जीवन में उतारने का माध्यम है।














